RBSE 10वीं विज्ञान ब्लू-प्रिंट (2025-26)
1. परीक्षा योजना एवं अंकभार (Examination Scheme & Weightage)
1. उद्देश्य हेतु अंकभार (Objectives)
| क्र.स. | उद्देश्य | अंकभार | प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| 1 | ज्ञान (Knowledge) | 23 | 28.75% |
| 2 | अवबोध (Understanding) | 24 | 30.00% |
| 3 | ज्ञानोपयोग (Application) | 17 | 21.25% |
| 4 | कौशल (Skill) | 08 | 10.00% |
| 5 | विश्लेषण (Analysis) | 08 | 10.00% |
| योग (Total) | 80 | 100% | |
2. प्रश्नों के प्रकार वार अंकभार (Question Types)
| क्र. | प्रकार (Type) | संख्या | अंक/प्रश्न | कुल अंक | % (अंक) | % (प्रश्न) | समय (मिनट) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | बहुविकल्पात्मक (MCQ) | 18 | 1 | 18 | 22.50 | 33.97 | 20 |
| 2 | रिक्त स्थान (Fill Blank) | 6 | 1 | 6 | 7.50 | 11.33 | 15 |
| 3 | अतिलघुत्तरात्मक (V. Short) | 12 | 1 | 12 | 15.00 | 22.64 | 25 |
| 4 | लघुत्तरात्मक (Short) | 10 | 2 | 20 | 25.00 | 18.86 | 35 |
| 5 | दीर्घउत्तरीय (Long) | 4 | 3 | 12 | 15.00 | 7.54 | 50 |
| 6 | निबंधात्मक (Essay) | 3 | 4 | 12 | 15.00 | 5.66 | 50 |
| योग (Total) | 53 | – | 80 | 100 | 100 | 195 | |
अध्याय-वार अंकभार और प्रश्न विवरण (Chapter-wise Breakdown)
इस तालिका को ‘छोटे प्रश्न’ (1 अंक) और ‘बड़े प्रश्न’ (2, 3, 4 अंक) में विभाजित किया गया है ताकि आप अपनी पढ़ाई की योजना बना सकें।
| अध्याय (Chapter) | अंक | छोटे प्रश्न (1 अंक) (Objective/Very Short) |
बड़े प्रश्न (2-4 अंक) (Subjective/Descriptive) |
|---|---|---|---|
| रसायन विज्ञान (Chemistry) – 25 अंक | |||
| 1. रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण | 6 | 1 MCQ 1 रिक्त 1 अतिलघु | 1 दीर्घ (3) |
| 2. अम्ल, क्षारक एवं लवण | 7 | 1 MCQ 1 रिक्त 1 अतिलघु | 1 निबंध (4) |
| 3. धातु एवं अधातु | 5 | 2 MCQ 1 अतिलघु | 1 लघु (2) |
| 4. कार्बन एवं उसके यौगिक | 7 | 2 MCQ | 1 लघु (2) 1 दीर्घ (3) |
| जीव विज्ञान (Biology) – 30 अंक | |||
| 5. जैव प्रक्रम | 8 | 2 रिक्त | 1 लघु (2) 1 निबंध (4) |
| 6. नियंत्रण एवं समन्वय | 6 | 2 MCQ 2 अतिलघु | 1 लघु (2) |
| 7. जीव जनन कैसे करते हैं | 7 | 2 MCQ | 1 लघु (2) 1 दीर्घ (3) |
| 8. आनुवंशिकता | 4 | 2 रिक्त 2 अतिलघु | – |
| 13. हमारा पर्यावरण | 5 | 2 MCQ 1 अतिलघु | 1 लघु (2) |
| भौतिक विज्ञान (Physics) – 25 अंक | |||
| 9. प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन | 8 | 2 अतिलघु | 1 लघु (2) 1 निबंध (4) |
| 10. मानव नेत्र तथा रंग-बिरंगा संसार | 4 | 2 MCQ | 1 लघु (2) |
| 11. विद्युत | 7 | 2 MCQ | 1 लघु (2) 1 दीर्घ (3) |
| 12. विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव | 6 | 2 MCQ 2 अतिलघु | 1 लघु (2) |
💡 स्मार्ट स्टडी प्लान (Smart Study Tips):
- 4 अंक (Essay) के लिए: केवल ‘अम्ल, क्षारक एवं लवण’, ‘जैव प्रक्रम’ और ‘प्रकाश’ पाठों से बड़े प्रश्न तैयार करें। डायग्राम (Diagrams) पर विशेष ध्यान दें।
- चित्र/आरेख (Diagrams): मानव नेत्र, पाचन/श्वसन तंत्र, हृदय, पुष्प, और किरण आरेख (Ray Diagrams) की प्रैक्टिस जरूर करें। चित्र साफ़ बनाएँ और नामकरण (Labeling) एक तरफ ही करें।
- संख्यात्मक प्रश्न (Numericals): ‘विद्युत’ और ‘प्रकाश’ पाठों के सूत्रों (Mirror/Lens Formula, Ohm’s Law) को याद रखें। दर्पण/लेंस के सवालों में ‘चिह्न परिपाटी’ (Sign Convention) का विशेष ध्यान रखें (+/- की गलती से पूरा उत्तर गलत हो सकता है)।
- रासायनिक अभिक्रियाएँ: अध्याय 1 और 4 से समीकरण संतुलन और अभिक्रियाओं के प्रकार (संयोजन, वियोजन आदि) को लिख-लिख कर याद करें। पाठ 4 (कार्बन) से इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना (Electron Dot Structure) की प्रैक्टिस करें।
- छोटे प्रश्न (Objective Strategy): 24 नंबर (18 MCQ + 6 रिक्त स्थान) केवल छोटे प्रश्नों से हैं। प्रश्न को ध्यान से पढ़ें – कई बार प्रश्न में ‘नहीं’ (not) शब्द होता है जिसे छात्र अनदेखा कर देते हैं।
- अंतर वाले प्रश्न: ‘अवतल vs उत्तल दर्पण’, ‘धमनी vs शिरा’, ‘धातु vs अधातु’, ‘साबुन vs अपमार्जक’ – ऐसे अंतर वाले प्रश्न अक्सर 2 या 3 अंक में पूछे जाते हैं, इन्हें टेबल बनाकर याद करें।
📝 हल सहित पूरा मॉडल प्रश्न-पत्र 2026
(Full Solved Paper with Options & Concepts)
खण्ड-अ (Section A) – बहुविकल्पात्मक (18 अंक)
1(i). संगमरमर (Marble) का रासायनिक सूत्र है:
✅ उत्तर: (स) CaCO₃
💡 मुख्य अवधारणा: इसे कैल्शियम कार्बोनेट या चूना पत्थर भी कहते हैं।
1(ii). लौह चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है?
✅ उत्तर: (अ) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड
💡 अभिक्रिया: Fe + 2HCl → FeCl₂ + H₂
1(iii). कोई धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर उच्च गलनांक वाला यौगिक बनाती है जो जल में विलेय है। यह तत्व है:
✅ उत्तर: (अ) कैल्शियम
💡 मुख्य अवधारणा: CaO (कैल्शियम ऑक्साइड) जल में घुलकर चूने का पानी बनाता है।
1(iv). धातुओं की अभिक्रियाशीलता के आधार पर सबसे अधिक क्रियाशील धातु है:
✅ उत्तर: (ब) पोटेशियम (K)
💡 सक्रियता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg… > Au.
1(v). एथेन (C₂H₆) का आण्विक सूत्र है। इसमें कितने सहसंयोजक आबंध हैं?
✅ उत्तर: (ब) 7 सहसंयोजक आबंध
💡 गणना: 1 C-C आबंध + 6 C-H आबंध = 7।
1(vi). बेन्जीन की संरचना है:
✅ उत्तर: (स) (षट्कोणीय वलय जिसमें एकांतर द्वि-आबंध हों)
💡 सूत्र: C₆H₆। इसमें कार्बन के 6 परमाणु एक वलय (Ring) में जुड़े होते हैं।
1(vii). परागकोष में होते हैं:
✅ उत्तर: (द) परागकण (Pollen Grains)
1(viii). अलैंगिक जनन ‘मुकुलन’ (Budding) द्वारा होता है:
✅ उत्तर: (ब) यीस्ट में
💡 अमीबा में विखंडन होता है, हाइड्रा और यीस्ट में मुकुलन होता है।
1(ix). मस्तिष्क उत्तरदायी होता है:
✅ उत्तर: (द) उपरोक्त सभी
1(x). रासायनिक समन्वय देखा जाता है:
✅ उत्तर: (स) पादप व जंतु में
💡 हार्मोन दोनों में पाए जाते हैं जो रासायनिक समन्वय करते हैं।
1(xi). सामान्य दृष्टि के वयस्क के लिए सुस्पष्ट दर्शन की अल्पतम दूरी होती है:
✅ उत्तर: (स) 25 सेंटीमीटर
1(xii). श्वेत प्रकाश में रंग (वर्ण) पाए जाते हैं:
✅ उत्तर: (अ) 7 (VIBGYOR)
1(xiii). कौन-सा पद विद्युत परिपथ में विद्युत शक्ति को निरूपित नहीं करता?
✅ उत्तर: (ब) IR²
💡 शक्ति (P) = VI = I²R = V²/R.
1(xiv). प्रतिरोध का मात्रक है:
✅ उत्तर: (अ) ओम (Ω)
1(xv). किसी विद्युत धारावाही सीधी लम्बी परिनालिका के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र:
✅ उत्तर: (द) सभी बिन्दुओं पर समान होता है
💡 परिनालिका के भीतर क्षेत्र एकसमान (Uniform) होता है। इसे समांतर रेखाओं द्वारा दर्शाया जाता है।
1(xvi). चित्रानुसार कोई इलेक्ट्रॉन किसी चुम्बकीय क्षेत्र में लम्बवत् प्रवेश करता है। इलेक्ट्रॉन पर आरोपित बल की दिशा क्या है?
✅ उत्तर: (द) कागज में भीतर की ओर
💡 फ्लेमिंग के वामहस्त नियम के अनुसार। (धारा इलेक्ट्रॉन के विपरीत दिशा में मानी जाएगी, क्षेत्र दांयी ओर है, तो बल नीचे/भीतर की ओर होगा)।
1(xvii). निम्नलिखित में से कौन आहार श्रंखला का निर्माण करते हैं?
✅ उत्तर: (ब) घास, बकरी तथा मानव
💡 घास (उत्पादक) -> बकरी (शाकाहारी) -> मानव (सर्वाहारी)।
1(xviii). निम्नलिखित में से कौन से समूहों में केवल जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) पदार्थ हैं?
✅ उत्तर: (अ), (स) और (द) तीनों सही हो सकते हैं
💡 (अ) चमड़ा, (स) छिलके/केक, (द) लकड़ी/केक – ये सभी बैक्टीरिया द्वारा अपघटित हो जाते हैं। प्लास्टिक (विकल्प ब) जैव अनिम्नीकरणीय है। परीक्षा में सबसे उपयुक्त उत्तर (स) या (द) माना जाएगा।
रिक्त स्थानों की पूर्ति (6 अंक)
2(i). शुद्ध जल के pH का मान _____ होता है।
👉 7 (सात)
2(ii). अम्ल एवं धातु अभिक्रिया करके लवण व _____ का निर्माण करते हैं।
👉 हाइड्रोजन गैस (H₂)
2(iii). A.T.P. का पूरा नाम _____ है।
👉 एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (Adenosine Triphosphate)
2(iv). प्रकाश संश्लेषण समीकरण में उत्पाद: 6CO₂ + 12H₂O → _____ + 6O₂ + 6H₂O
👉 ग्लूकोज (C₆H₁₂O₆)
2(v). आनुवंशिकता के जनक _____ हैं।
👉 ग्रेगर जॉन मेंडल (Gregor Mendel)
2(vi). _____ जैसे प्राणी अपना लिंग बदल सकते हैं।
👉 घोंघा (Snail)
अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न (12 अंक)
3(i). संयोजन अभिक्रिया किसे कहते हैं?
✍️ वह अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एक एकल उत्पाद (Single Product) बनाते हैं।
3(ii). H⁺(aq) आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
✍️ H⁺ आयन की सांद्रता जितनी अधिक होगी, विलयन उतना ही अधिक अम्लीय होगा (pH कम होगा)।
3(iii). उभयधर्मी ऑक्साइड किसे कहते हैं?
✍️ वे धातु ऑक्साइड जो अम्ल और क्षारक दोनों से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं (जैसे Al₂O₃, ZnO)।
3(iv). मानव में लैंगिक हार्मोन के नाम बताइये।
✍️ नर: टेस्टोस्टेरोन। मादा: एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन।
3(v). आयोडीन युक्त नमक के उपयोग की सलाह क्यों दी जाती है?
✍️ थाइरॉइड ग्रंथि को थायरॉक्सिन हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है, जो घेंघा रोग (Goitre) से बचाता है।
3(vi). मानव में लिंग निर्धारण का चित्र बनाइये।
✍️ नर (XY) और मादा (XX) गुणसूत्रों के संलयन से संतति का लिंग निर्धारित होता है।
3(vii). आनुवांशिकता किसे कहते हैं?
✍️ लक्षणों का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में वंशागत होना (संचरण) आनुवंशिकता कहलाता है।
3(viii). लेंस व दर्पण सूत्र लिखिए।
✍️ दर्पण सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f
लेंस सूत्र: 1/v – 1/u = 1/f
3(ix). लेंस की क्षमता को परिभाषित कीजिए।
✍️ लेंस की फोकस दूरी (मीटर में) के व्युत्क्रम को लेंस की क्षमता कहते हैं (P = 1/f)। इसका मात्रक डायोप्टर (D) है।
3(x). विद्युत परिपथ में सामान्यतः उपयोग होने वाले एक सुरक्षा उपाय का नाम लिखिए।
✍️ विद्युत फ्यूज (Electric Fuse)।
3(xi). MRI का पूरा नाम लिखिए।
✍️ मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (Magnetic Resonance Imaging) – चुम्बकीय अनुनाद प्रतिबिंबन।
3(xii). पोषी स्तर किसे कहते हैं?
✍️ आहार श्रृंखला के प्रत्येक चरण या कड़ी को पोषी स्तर कहते हैं (जैसे उत्पादक, प्राथमिक उपभोक्ता)।
खण्ड-ब (Section B) – लघुत्तरात्मक (20 अंक)
4. लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके बताइये।
1. यशदलेपन (Galvanization): लोहे पर जिंक की परत चढ़ाना, जिससे लोहा वायु और नमी के संपर्क में नहीं आता।
2. पेंट करना या ग्रीस लगाना: लोहे की सतह को नमी और ऑक्सीजन के सीधे संपर्क से बचाने के लिए उस पर पेंट, वार्निश या तेल/ग्रीस की परत लगाना।
5. साइक्लोपेन्टेन का सूत्र एवं इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना लिखिए।
सूत्र: C₅H₁₀
संरचना: इसमें 5 कार्बन परमाणु एक पंचभुजीय वलय (Ring) में जुड़े होते हैं और प्रत्येक कार्बन अपनी संयोजकता पूरी करने के लिए 2 हाइड्रोजन परमाणुओं से जुड़ा होता है।
6. प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक कच्ची सामग्री पौधा कहाँ से प्राप्त करता है?
1. जल (H₂O): जड़ों द्वारा मिट्टी से अवशोषित किया जाता है।
2. कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂): पत्तियों में मौजूद रंध्रों (Stomata) द्वारा वायुमंडल से ली जाती है।
3. ऊर्जा: क्लोरोफिल द्वारा सूर्य के प्रकाश (Solar Energy) को अवशोषित किया जाता है।
7. पादप में प्रकाशानुवर्तन किस प्रकार होता है?
जब पादप पर एक ओर से प्रकाश पड़ता है, तो प्ररोह के शीर्ष पर संश्लेषित ऑक्सिन (Auxin) हार्मोन छाया वाले भाग की ओर विसरित हो जाता है। यह छाया वाले भाग की कोशिकाओं की लंबाई में वृद्धि को प्रेरित करता है, जिससे पौधा प्रकाश की दिशा में मुड़ा हुआ प्रतीत होता है।
8. डी.एन.ए. (DNA) की प्रतिकृति बनाना जनन के लिए क्यों आवश्यक है?
DNA में ही शरीर की संरचना और कार्यिकी के ब्लूप्रिंट (सूचनाएं) निहित होते हैं। जनन के दौरान DNA की हूबहू कॉपी (प्रतिकृति) बनती है ताकि नई कोशिका (संतति) को भी वही पैतृक गुण और शारीरिक अभिकल्प (Design) मिल सके। यदि प्रतिकृति में अत्यधिक त्रुटि होगी तो कोशिका जीवित नहीं रह पाएगी। अतः जीवन की निरंतरता और वंशागति के लिए यह आवश्यक है।
9. उत्तल दर्पण के दो उपयोग लिखिए।
1. वाहनों में पश्च-दृश्य (Rear-view) दर्पण: क्योंकि यह सदैव सीधा, आभासी और छोटा प्रतिबिंब बनाता है, जिससे चालक को पीछे का बहुत बड़ा क्षेत्र दिखाई देता है।
2. दुकानों में सुरक्षा दर्पण (Security Mirror): इसका दृष्टि क्षेत्र (Field of view) अधिक होने के कारण यह दुकान के बड़े हिस्से की निगरानी में सहायक है।
10. जब हम नेत्र से किसी वस्तु की दूरी बढ़ा देते हैं तो नेत्र में प्रतिबिम्ब दूरी का क्या होता है?
नेत्र में प्रतिबिंब दूरी समान रहती है। नेत्र लेंस पक्ष्माभी पेशियों (Ciliary muscles) की सहायता से अपनी फोकस दूरी को समायोजित (समंजन क्षमता) कर लेता है, जिससे वस्तु चाहे निकट हो या दूर, उसका प्रतिबिंब सदैव रेटिना पर ही बनता है।
11. 6V की बैटरी से गुजरने वाले एक कूलॉम आवेश को कितनी ऊर्जा दी जाती है?
सूत्र: विभवांतर (V) = किया गया कार्य (W) / आवेश (Q)
अतः ऊर्जा (कार्य) W = V × Q
दिया है: V = 6V, Q = 1C
ऊर्जा = 6 × 1 = 6 जूल (Joule)।
12. दो चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद क्यों नहीं करतीं?
यदि दो चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को काटेंगी, तो कटान बिंदु पर कम्पास की सुई दो अलग-अलग दिशाओं (दो स्पर्श रेखाएं) की ओर संकेत करेगी, जो कि भौतिक रूप से असंभव है। किसी एक बिंदु पर चुम्बकीय क्षेत्र की केवल एक ही परिणामी दिशा हो सकती है।
13. एक पारितंत्र में ऊर्जा के प्रवाह का आरेख चित्र बनाइये।
ऊर्जा का प्रवाह सदैव एकदिशिक (Unidirectional) होता है:
सूर्य का प्रकाश → उत्पादक (हरे पौधे) → प्राथमिक उपभोक्ता (शाकाहारी) → द्वितीयक उपभोक्ता (मांसाहारी) → तृतीयक उपभोक्ता।
प्रत्येक स्तर पर लगभग 90% ऊर्जा जैविक क्रियाओं में खर्च हो जाती है और केवल 10% ही आगे बढ़ती है।
खण्ड-स (Section C) – दीर्घ उत्तरीय (12 अंक)
14. निम्न समीकरणों को संतुलित कीजिए:
(अ) HNO₃ + Ca(OH)₂ → Ca(NO₃)₂ + H₂O
(ब) NaOH + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + H₂O
उत्तर:
(अ) 2HNO₃ + Ca(OH)₂ → Ca(NO₃)₂ + 2H₂O
(ब) 2NaOH + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + 2H₂O
ऊष्माक्षेपी व ऊष्माशोषी अभिक्रिया की परिभाषा लिखकर एक-एक उदाहरण (अभिक्रिया) लिखिए।
1. ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction): जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा भी उत्पन्न होती है।
उदाहरण: प्राकृतिक गैस का दहन (CH₄ + 2O₂ → CO₂ + 2H₂O + ऊर्जा)
2. ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction): जिन अभिक्रियाओं में अभिकारकों को तोड़ने के लिए ऊर्जा (ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत) की आवश्यकता होती है।
उदाहरण: कैल्शियम कार्बोनेट का वियोजन (CaCO₃ → CaO + CO₂)
15. मिसेल के निर्माण की प्रक्रिया को चित्र सहित समझाइए।
मिसेल निर्माण (Micelle Formation):
1. साबुन का अणु: साबुन के अणु (जैसे सोडियम स्टीएरेट) के दो भाग होते हैं – एक लंबी हाइड्रोकार्बन पूंछ (जलविरागी/Hydrophobic) जो तेल/मैल में घुलती है, और एक आयनिक सिरा (जलरागी/Hydrophilic) जो पानी में घुलता है।
2. क्रियाविधि: जब साबुन को पानी में घोला जाता है, तो अणु एक गोलाकार संरचना बनाते हैं। जलविरागी पूंछें केंद्र में तेल/मैल की बूंद को चारों ओर से घेर लेती हैं, जबकि आयनिक सिर बाहर पानी की ओर रहते हैं।
3. पायस (Emulsion): इस प्रकार बनी संरचना को ‘मिसेल’ कहते हैं। यह पानी में इमल्शन बनाता है। जब कपड़े को रगड़ा जाता है, तो मिसेल में फंसा मैल पानी के साथ बहकर अलग हो जाता है।
(a) संकलन अभिक्रिया किसे कहते है? अभिक्रिया लिखिए।
(b) ऑक्सीकारक किसे कहते है? उदाहरण दीजिए।
(a) संकलन अभिक्रिया (Addition Reaction): असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (द्वि या त्रि-आबंध वाले) में निकेल (Ni) या पैलेडियम (Pd) जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में हाइड्रोजन का जुड़ना संकलन अभिक्रिया कहलाता है। इससे वे संतृप्त हाइड्रोकार्बन में बदल जाते हैं।
उदाहरण: वनस्पति तेल (असंतृप्त) + H₂ → वनस्पति घी (संतृप्त)।
(b) ऑक्सीकारक (Oxidising Agent): वे पदार्थ जो किसी अन्य पदार्थ को ऑक्सीजन देने की क्षमता रखते हैं (या हाइड्रोजन हटाने की), ऑक्सीकारक कहलाते हैं।
उदाहरण: क्षारीय पोटेशियम परमैंगनेट (KMnO₄) या अम्लीकृत पोटेशियम डाइक्रोमेट (K₂Cr₂O₇)।
16. नर जनन तंत्र का चित्र बनाइये व इसके विभिन्न भागों को समझाइये।
नर जनन तंत्र के प्रमुख भाग:
1. वृषण (Testes): यह उदर गुहा के बाहर वृषण कोष में स्थित होते हैं। इनका कार्य शुक्राणुओं का निर्माण करना और ‘टेस्टोस्टेरोन’ हार्मोन स्रावित करना है।
2. शुक्रवाहिनी (Vas Deferens): यह शुक्राणुओं को वृषण से मूत्रमार्ग तक ले जाती है।
3. ग्रंथियाँ (Prostate & Seminal Vesicles): ये अपने स्राव शुक्राणुओं में मिलाती हैं जिससे शुक्राणु तरल माध्यम में आ जाते हैं और उन्हें पोषण मिलता है।
4. शिश्न (Penis): यह मैथुन के दौरान मादा जननांग में शुक्राणु पहुँचाने का कार्य करता है।
मादा जनन तंत्र का चित्र बनाइये व इसके विभिन्न भागों को समझाइये।
मादा जनन तंत्र के प्रमुख भाग:
1. अंडाशय (Ovary): ये उदर गुहा के दोनों ओर स्थित होते हैं। इनका कार्य अंड कोशिकाओं (Ova) का निर्माण और मादा हार्मोन (एस्ट्रोजन/प्रोजेस्टेरोन) स्रावित करना है।
2. अंडवाहिनी (Fallopian Tube): अंडाशय से अंड कोशिका को गर्भाशय तक ले जाती है। निषेचन की क्रिया यहीं संपन्न होती है।
3. गर्भाशय (Uterus): यह एक थैलीनुमा संरचना है जहाँ भ्रूण का विकास (Implataion & Development) होता है।
4. योनि (Vagina): यह बाह्य जननांगों से जुड़ती है और शुक्राणु प्रवेश व प्रसव का मार्ग है।
17. (अ) यदि किसी विद्युत बल्ब के तंतु का प्रतिरोध 1200 Ω है तो बल्ब 220 V स्रोत से कितनी विद्युत धारा लेगा?
(ब) यदि किसी विद्युत हीटर की कुंडली का प्रतिरोध 100 Ω है तो यह विद्युत हीटर 220 V स्रोत से कितनी धारा लेगा?
ओम के नियम के अनुसार: I = V / R
(अ) विद्युत बल्ब के लिए:
विभवांतर (V) = 220 V, प्रतिरोध (R) = 1200 Ω
धारा (I) = 220 / 1200 = 11 / 60 = 0.18 A
(ब) विद्युत हीटर के लिए:
विभवांतर (V) = 220 V, प्रतिरोध (R) = 100 Ω
धारा (I) = 220 / 100 = 2.2 A
निष्कर्ष: कम प्रतिरोध वाला उपकरण (हीटर) अधिक विद्युत धारा खींचता है।
चित्र के परिपथ आरेख में मान लीजिए प्रतिरोधक R₁, R₂ व R₃ के मान क्रमशः 5Ω, 10Ω, 30Ω हैं तथा इन्हें 12V की बैटरी से संयोजित किया गया है। तो ज्ञात कीजिए कि:
(अ) प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित विद्युत धारा का मान।
(ब) परिपथ में प्रवाहित कुल विद्युत धारा का मान।
पार्श्वक्रम (Parallel) में वोल्टेज समान (12V) रहता है, परन्तु धारा अलग-अलग होती है।
(अ) प्रत्येक प्रतिरोधक में धारा:
I₁ = V/R₁ = 12/5 = 2.4 A
I₂ = V/R₂ = 12/10 = 1.2 A
I₃ = V/R₃ = 12/30 = 0.4 A
(ब) परिपथ में कुल धारा:
I = I₁ + I₂ + I₃
I = 2.4 + 1.2 + 0.4 = 4.0 Ampere
(स) कुल प्रतिरोध (R):
1/R = 1/5 + 1/10 + 1/30 = (6+3+1)/30 = 10/30 = 1/3
R = 3 Ω
खण्ड-द (Section D) – निबंधात्मक (12 अंक)
18. एक ग्वाला ताजे दूध में थोडा बेंकिग सोडा मिलाता है:
(i) वह ताजे दूध के pH के मान को 6 से बदलकर थोड़ा क्षारीय क्यों बना देता है?
(ii) इस दूध को दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है?
(iii) धोने का सोडा का रासायनिक सूत्र लिखकर एक प्रमुख उपयोग लिखिए।
(i) pH मान क्यों बदलता है?
ताजा दूध का pH 6 होता है जो थोड़ा अम्लीय है। जीवाणु वृद्धि से यह जल्दी खट्टा हो सकता है। दूधवाला इसमें थोड़ा क्षारीय बेकिंग सोडा (NaHCO₃) मिलाता है ताकि दूध का माध्यम क्षारीय हो जाए और वह लंबे समय तक खराब न हो।
(ii) दही जमने में समय क्यों लगता है?
चूंकि दूध अब क्षारीय (Alkaline) हो चुका है, इसलिए जब इसमें जामन मिलाया जाता है, तो लैक्टिक अम्ल को पहले अतिरिक्त क्षार को उदासीन (Neutralize) करना पड़ता है। उसके बाद ही माध्यम अम्लीय होता है और दूध दही में जमता है। इस उदासीनीकरण की प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लगता है।
(iii) धोने का सोडा (Washing Soda):
रासायनिक सूत्र: Na₂CO₃·10H₂O (सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट)
उपयोग: इसका उपयोग जल की स्थायी कठोरता (Permanent Hardness) हटाने के लिए किया जाता है।
(i) निम्न में उपस्थित अम्ल का नाम लिखिए:
(अ) सिरका (ब) संतरा (स) इमली (द) टमाटर
(ii) अम्लीय वर्षा किसे कहते है? समझाइये।
(iii) कोई किसान खेत की मृदा में किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्शियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्शियम हाइड्रोक्साइड) या चॉक (कैल्शियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा?
(i) उपस्थित अम्ल:
(अ) सिरका: एसिटिक अम्ल (Acetic Acid)
(ब) संतरा: सिट्रिक अम्ल (Citric Acid)
(स) इमली: टार्टरिक अम्ल (Tartaric Acid)
(द) टमाटर: ऑक्जेलिक अम्ल (Oxalic Acid)
(ii) अम्लीय वर्षा (Acid Rain):
जब वर्षा के जल का pH मान 5.6 से कम हो जाता है, तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। यह वायुमंडल में उपस्थित SO₂ और NO₂ गैसों के वर्षा जल में घुलने से बनती है। यह जलीय जीवों, वनस्पतियों और इमारतों के लिए हानिकारक होती है।
(iii) मृदा उपचार:
यदि खेत की मिट्टी अम्लीय (Acidic) हो गई है और उसका pH मान कम हो गया है, तो फसल की अच्छी पैदावार के लिए किसान उसे उदासीन करने हेतु क्षारीय पदार्थों जैसे बिना बुझा चूना (CaO), बुझा हुआ चूना (Ca(OH)₂) या चॉक (CaCO₃) का उपयोग करेगा।
19. (i) मानव श्वसन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइये।
(ii) मनुष्य में ऑक्सीजन व कार्बन डाईऑक्साइड का परिवहन कैसे होता है?
(iii) गैसों के विनिमय के लिए मानव फुफ्फुस में अधिकतम क्षेत्रफल को कैसे अभिकल्पित किया है?
(i) मानव श्वसन तंत्र:
– O₂ (ऑक्सीजन): लाल रक्त कणिकाओं (RBC) में मौजूद वर्णक ‘हीमोग्लोबिन’ ऑक्सीजन के साथ उच्च बंधुता रखता है। यह फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर ‘ऑक्सीहीमोग्लोबिन’ बनाता है और इसे शरीर के सभी ऊतकों तक पहुँचाता है।
– CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड): यह पानी में अधिक विलेय है, इसलिए इसका परिवहन मुख्य रूप से रक्त प्लाज्मा में घुली हुई अवस्था में होता है।
(iii) फुफ्फुस (Lungs) की अभिकल्पना:
फेफड़ों के अंदर श्वसन नली (Trachea) छोटी-छोटी नलिकाओं (श्वसनिकाओं) में विभाजित होती जाती है जो अंत में गुब्बारे जैसी संरचनाओं में खुलती हैं जिन्हें ‘कूपिका’ (Alveoli) कहते हैं। यदि इन कूपिकाओं की सतह को फैला दिया जाए तो यह लगभग 80 वर्ग मीटर क्षेत्र ढक लेंगी। यह विशाल सतह गैसों के विनिमय को अत्यंत दक्ष और तेज बनाती है। कूपिकाओं की दीवारों में रक्त केशिकाओं का घना जाल होता है।
(i) मानव हृदय का नामांकित चित्र बनाइये।
(ii) मनुष्य में दोहरा परिसंचरण की व्याख्या कीजिए।
(iii) हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के क्या परिणाम हो सकते है?
(i) मानव हृदय:
मनुष्य में रक्त को शरीर में एक पूरा चक्कर लगाने के लिए हृदय से दो बार गुजरना पड़ता है। इसे दोहरा परिसंचरण कहते हैं। इसमें दो चक्र शामिल हैं:
1. फुफ्फुसीय परिसंचरण (Pulmonary Circulation): अशुद्ध रक्त (Deoxygenated) दाएं निलय से फेफड़ों में जाता है, वहां ऑक्सीजनित होकर बाएं आलिंद में वापस आता है।
2. दैहिक परिसंचरण (Systemic Circulation): शुद्ध रक्त (Oxygenated) बाएं निलय से महाधमनी द्वारा पूरे शरीर में पंप किया जाता है और शरीर से अशुद्ध होकर वापस दाएं आलिंद में आता है।
यह व्यवस्था शुद्ध और अशुद्ध रक्त को मिलने से रोकती है, जिससे शरीर को उच्च ऊर्जा दक्षता प्राप्त होती है (जैसे पक्षियों और स्तनधारियों में)।
(iii) हीमोग्लोबिन की कमी के परिणाम:
हीमोग्लोबिन फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर की कोशिकाओं तक पहुँचाता है। इसकी कमी से रक्त की ऑक्सीजन वहन क्षमता कम हो जाती है। इस स्थिति को ‘एनीमिया’ (Raktalpata) कहते हैं। इसके परिणाम स्वरूप व्यक्ति जल्दी थक जाता है, सांस फूलती है, कमजोरी महसूस होती है और शारीरिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है।
20. (i) काँच की आयताकार स्लैब से प्रकाश का अपवर्तन समझाइये।
(ii) प्रकाश का अपवर्तन के नियम लिखिए।
(iii) अपवर्तनांक किसे कहते है?
(i) काँच की स्लैब से अपवर्तन:
जब प्रकाश की किरण हवा (विरल माध्यम) से काँच की स्लैब (सघन माध्यम) में प्रवेश करती है, तो वह अभिलंब की ओर झुक जाती है। जब यह किरण काँच से वापस हवा में निकलती है, तो यह अभिलंब से दूर हट जाती है। अंतिम निर्गत किरण, प्रारंभिक आपतित किरण के समांतर होती है, लेकिन उसमें थोड़ा विस्थापन आ जाता है। इसे ‘पार्श्विक विस्थापन’ (Lateral Displacement) कहते हैं।
1. आपतित किरण, अपवर्तित किरण और दोनों माध्यमों को पृथक करने वाले पृष्ठ के आपतन बिंदु पर अभिलंब, सभी एक ही तल में होते हैं।
2. स्नेल का नियम: प्रकाश के किसी निश्चित रंग और निश्चित माध्यमों के युग्म के लिए, आपतन कोण की ज्या (sine of angle of incidence, i) और अपवर्तन कोण की ज्या (sine of angle of refraction, r) का अनुपात एक स्थिरांक होता है।
अर्थात्: sin i / sin r = स्थिरांक (constant)
(iii) अपवर्तनांक (Refractive Index):
किसी माध्यम का अपवर्तनांक वह संख्या है जो बताती है कि उस माध्यम में प्रकाश की चाल, निर्वात (या वायु) की तुलना में कितनी कम है। इसे निर्वात में प्रकाश की चाल (c) और माध्यम में प्रकाश की चाल (v) के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।
nₘ = निर्वात में प्रकाश की चाल (c) / माध्यम में प्रकाश की चाल (v)
(i) गोलीय दर्पण किसे कहते है? इनके प्रकार समझाइये।
(ii) अवतल दर्पण के उपयोग लिखिए।
(iii) आवर्धन किसे कहते है? गोलीय दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन का सूत्र लिखिए।
(i) गोलीय दर्पण (Spherical Mirrors):
वे दर्पण जिनका परावर्तक पृष्ठ गोलीय होता है (किसी खोखले गोले का भाग होता है), गोलीय दर्पण कहलाते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं:
1. अवतल दर्पण (Concave): जिसका परावर्तक पृष्ठ अंदर की ओर धंसा होता है (गोले के केंद्र की ओर)। यह किरणों को अभिसरित (इकट्ठा) करता है।
2. उत्तल दर्पण (Convex): जिसका परावर्तक पृष्ठ बाहर की ओर उभरा होता है। यह किरणों को अपसारित (फैलाता) करता है।
– टॉर्च, सर्चलाइट तथा वाहनों की हेडलाइट: प्रकाश स्रोत को फोकस पर रखकर शक्तिशाली समांतर किरण पुंज प्राप्त करने के लिए।
– शेविंग दर्पण (Shaving Mirror): चेहरे को ध्रुव (P) और फोकस (F) के बीच रखने पर चेहरे का बड़ा और सीधा प्रतिबिंब देखने के लिए।
– दंत चिकित्सक: मरीजों के दांतों का बड़ा प्रतिबिंब देखने के लिए।
– सौर भट्टियाँ: सूर्य के प्रकाश को एक बिंदु पर केंद्रित करके उच्च ऊष्मा उत्पन्न करने के लिए।
(iii) आवर्धन (Magnification):
गोलीय दर्पण द्वारा उत्पन्न आवर्धन वह आपेक्षिक विस्तार है जिससे ज्ञात होता है कि कोई प्रतिबिंब, बिंब (वस्तु) की तुलना में कितना गुना बड़ा या छोटा है। इसे प्रतिबिंब की ऊँचाई (h’) और बिंब की ऊँचाई (h) के अनुपात के रूप में व्यक्त किया जाता है।
सूत्र: m = प्रतिबिंब की ऊँचाई (h’) / बिंब की ऊँचाई (h) = -v / u
(जहाँ v = प्रतिबिंब दूरी, u = बिंब दूरी है)
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