ELC Activities: संविधान दिवस – शपथ और प्रस्तावना का पाठ (Constitution Day Pledge and Preamble Reading)

Constitution Day Pledge & Prayer (संविधान दिवस शपथ)
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संविधान दिवस (Constitution Day)

26 November | Morning Assembly Resource

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भारत का संविधान

उद्देशिका

“हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को:

सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय,

विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता,

प्रतिष्ठा और अवसर की समता

प्राप्त कराने के लिए,

तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए

दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख
26 नवम्बर, 1949 ई॰
को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।”

Official Pledge

संविधान दिवस की शपथ

“मैं, भारत का नागरिक, सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता हूँ कि मैं संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूँगा।

मैं भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखूँगा।

मैं अपने देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करूँगा और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करूँगा।

जय हिन्द!
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Article 51A

नागरिकों के 11 मूल कर्तव्य

राष्ट्र निर्माण में हमारी भागीदारी (Our Contribution to Nation Building)

1. संविधान का आदर

संविधान का पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे।

2. उच्च आदर्श

स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखे।

3. एकता और अखंडता

भारत की प्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे।

4. देश की रक्षा

देश की रक्षा करे और आह्वान किए जाने पर राष्ट्र की सेवा करे।

5. समरसता (Harmony)

समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करे; ऐसी प्रथाओं का त्याग करे जो स्त्रियों के सम्मान के विरुद्ध हैं।

6. संस्कृति (Culture)

हमारी सामासिक संस्कृति (Composite Culture) की गौरवशाली परंपरा का महत्त्व समझे।

7. पर्यावरण (Nature)

प्राकृतिक पर्यावरण (वन, झील, नदी, वन्य जीव) की रक्षा करे और प्राणी मात्र के प्रति दयाभाव रखे।

8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण

वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करे।

9. सार्वजनिक संपत्ति

सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखे और हिंसा से दूर रहे।

10. उत्कर्ष (Excellence)

व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों में श्रेष्ठता की ओर बढ़ने का सतत प्रयास करे।

11. शिक्षा का अवसर (Education)

86th Amendment, 2002

यदि माता-पिता या संरक्षक है, छह वर्ष से चौदह वर्ष तक की आयु वाले अपने बालक या प्रतिपाल्य के लिये शिक्षा के अवसर प्रदान करे।

उद्देशिका: संविधान का सार (Essence of the Constitution)

1. इतिहास और स्रोत (History & Source)

आधार (Basis): पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा 13 दिसंबर 1946 को पेश किया गया “उद्देश्य प्रस्ताव” (Objective Resolution)।
स्वीकृति (Adoption): संविधान सभा ने इसे 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया।
भाषा स्रोत: ऑस्ट्रेलिया का संविधान।
अवधारणा स्रोत: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) का संविधान।

2. भारत की प्रकृति (Nature of State)

संप्रभु (Sovereign) भारत अपने आंतरिक और बाहरी मामलों में पूर्णतः स्वतंत्र है। कोई विदेशी सत्ता हम पर आदेश नहीं चला सकती।
समाजवादी (Socialist) (42वें संशोधन, 1976 द्वारा जोड़ा गया) इसका अर्थ है ‘लोकतांत्रिक समाजवाद’ – जहाँ गरीबी, अज्ञानता और अवसर की असमानता को समाप्त करना लक्ष्य है।
पंथनिरपेक्ष (Secular) (42वें संशोधन, 1976 द्वारा जोड़ा गया) राज्य का अपना कोई धर्म नहीं है। भारत में सभी धर्मों को समान दर्जा और सम्मान प्राप्त है।
लोकतंत्रात्मक (Democratic) सरकार जनता की, जनता के लिए और जनता के द्वारा चुनी जाती है।
गणराज्य (Republic) भारत का प्रमुख (राष्ट्रपति) वंशानुगत (राजा/रानी) नहीं होगा, बल्कि एक निश्चित समय के लिए चुना जाएगा।

3. संविधान के उद्देश्य (Objectives)

न्याय (Justice)

तीन प्रकार: सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक।

स्रोत: रूसी क्रांति (1917)।

स्वतंत्रता (Liberty)

विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की। यह असीमित नहीं है, कानून के दायरे में है।

समता (Equality)

प्रतिष्ठा और अवसर की समता। विशेषाधिकारों (Privileges) की अनुपस्थिति।

बंधुता (Fraternity)

भाईचारे की भावना। यह व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता के लिए अनिवार्य है।

स्वतंत्रता-समता-बंधुता का स्रोत: फ्रांसीसी क्रांति (1789)।

मूल कर्तव्य: महत्वपूर्ण तथ्य (Fundamental Duties Notes)

इतिहास और स्वर्ण सिंह समिति (1976)

  • गठन: 1976 में कांग्रेस पार्टी ने सरदार स्वर्ण सिंह की अध्यक्षता में समिति बनाई (आपातकाल के दौरान)।
  • सिफारिशें: समिति ने 8 कर्तव्यों का सुझाव दिया था, लेकिन 42वें संशोधन (1976) द्वारा 10 कर्तव्य जोड़े गए।
  • अस्वीकृत सिफारिशें: कर्तव्य पालन न करने पर दंड/सजा और कर (Tax) चुकाने को कर्तव्य बनाना – ये सुझाव नहीं माने गए।
  • प्रेरणा (Source): तत्कालीन सोवियत संघ (USSR)। जापान के अलावा भारत ही प्रमुख लोकतांत्रिक देश है जहाँ कर्तव्य लिखित हैं।

संवैधानिक स्थिति

  • भाग (Part): IV-A (यह संविधान का एक नया और अकेला भाग है)।
  • अनुच्छेद (Article): 51A (इसमें सभी 11 कर्तव्य सूचीबद्ध हैं)।
  • प्रकृति: ये गैर-न्यायोचित (Non-justiciable) हैं। अर्थात इनके उल्लंघन पर सीधे न्यायालय सजा नहीं दे सकता, जब तक कि संसद विधि न बनाए।
  • महत्व: कोर्ट किसी कानून की संवैधानिकता तय करते समय इन्हें आधार बना सकता है (जैसे पर्यावरण मामलों में)।

जे.एस. वर्मा समिति (1999)

समिति ने कर्तव्यों को लागू करने के लिए मौजूद कानूनों की पहचान की:

  • राष्ट्र गौरव अपमान निवारण अधिनियम (1971): ध्वज/गान का अपमान रोकने हेतु।
  • सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम (1955): जातिगत अपराध रोकने हेतु।
  • वन्य जीव संरक्षण अधिनियम (1972): दुर्लभ जीवों के व्यापार पर रोक।
  • UAPA (1967): सांप्रदायिक संगठनों को गैर-कानूनी घोषित करना।

महत्व और आलोचना

महत्व (Significance)

ये नागरिकों को याद दिलाते हैं कि अधिकार और कर्तव्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। ये राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ एक चेतावनी (Warning) के रूप में कार्य करते हैं और अनुशासन को बढ़ावा देते हैं।

आलोचना (Criticism)
  • अपूर्ण सूची: मतदान, कर भुगतान और परिवार नियोजन इसमें शामिल नहीं हैं।
  • अस्पष्ट भाषा: “उच्च आदर्श”, “वैज्ञानिक दृष्टिकोण” जैसे शब्दों की स्पष्ट परिभाषा नहीं है।
  • दंडात्मक प्रावधान न होना इसे ‘नैतिक आदेश’ मात्र बना देता है।

Electoral Literacy Club (ELC) Resource

Concept and Design by Bharat Choudhary (Lecturer), under the esteemed guidance of Principal Shri Susheel Kumar Sharma

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